नैनीताल रीजन के सभी डिपो इन दिनों लक्ष्य पूरा करने में जुटे हैं।



परिवहन निगम मुख्यालय ने सभी डिपो को फिक्स टारगेट दे रखा है। परफॉर्मेंस के आधार पर प्रोत्साहन भी दिया जाएगा। वहीं, दीवाली के समय यात्रियों की संख्या बढ़ने की वजह से मिल रही राहत अब कम होती जा रही है। ऐसे में मुख्यालय के टारगेट को पूरा करने में पसीने छूट रहे हैं। हल्द्वानी डिपो को 10 लाख 32 हजार रोजाना का लक्ष्य पूरा करना है।

अक्टूबर और नवंबर को रोडवेज़ कमाई का सीजन मानता है। क्योंकि हर साल इन दो में से एक महीने दीवाली का पर्व पड़ता है। इस बार नवंबर में त्योहार होने का कारण पिछले माह साढ़े आठ और अब 10.32 लाख रोजाना कमाई का लक्ष्य रखा गया है। जबकि पर्वतीय डिपो यानी अल्मोड़ा, रानीखेत, भवाली में लक्ष्य कम है।

स्टेशन इंचार्ज हल्द्वानी डिपो रवि शेखर कापड़ी ने बताया कि दीवाली से तीन दिन पहले 3.50 लाख व 19 नवंबर को 12 लाख एक दिन में सवारियों से मिले थे। जिस वजह से रोडवेज औसतन अपने लक्ष्य के करीब ही रहा। मगर अब प्रवासी भी त्योहार की छुट्टी पूरी कर महानगरों को लौट चुके है। ऐसे में आगे लक्ष्य को पूरा करने में दिक्कत आना लाजिमी है। वहीं, संविदा कर्मियों का कहना है कि अफसर कमाई के लक्ष्य तो तय कर देते हैं। लेकिन महीनों से अटकी तनख्वाह देने को तैयार नहीं।

बरेली-दिल्ली से कमाई : रोडवेज़ हेडऑफिस द्वारा तय लक्ष्य को पूरा करने में दिल्ली और बरेली रूट सबसे मददगार साबित हुआ। बरेली रुट में सिर्फ हल्द्वानी डिपो ने एक दिन में 18-20 गाड़ियों को रवाना किया। जबकि दिल्ली रुट भी पैक नजर आया। वहीं, नैनीताल के लिए पूरे साल सवारियों की भीड़ रहती है।


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