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अब तेहरान को नहीं छोड़ेगा इजरायल!

Now Israel will not leave Tehran!


हमास के शनिवार को हुए हमले ने पूरी दुनिया को सदमे में डाल दिया है। वहीं, अब एक अमेरिकी अखबार के खुलासे के बाद दो कट्टर दुश्‍मनों ईरान और इजरायल के बीच भी तनाव बढ़ने की आशंका है। अमेरिकी मीडिया का दावा है कि ईरान के सुरक्षा अधिकारियों ने हमास को इस आतंकी हमले की साजिश को सफल बनाने में मदद मुहैया कराई थी। इस रिपोर्ट को इजरायल के विदेश मंत्रालय ने भी काफी प्रमुखता दी है। रविवार को भी ऐसी खबरें आई थीं कि ईरान, इजरायल और सऊदी अरब के बीच होने वाले शांति समझौते से चिढ़ा हुआ था।

हमलों में 700 की मौत ( 700 died in the attacks)


वॉल स्‍ट्रीट जनरल की चौंकाने वाली रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान के सुरक्षा अधिकारियों ने हमास को इजरायल पर हमले की योजना बनाने में मदद की। इस योजना को बेरूत में पिछले सोमवार को एक बैठक में अंतिम मंजूरी दी गई थी। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) के अधिकारी सात अक्टूबर के हमले की योजना बनाने के लिए अगस्त से ही हमास के साथ काम कर रहे थे। हमास ने मजबूत इजरायली सीमा पर हजारों रॉकेट से हमला किया। साथ ही आतंकियों ने जमकर गोलीबारी की जिसमें 700 से ज्‍यादा लोग मारे गए हैं। अखबार का कहना है कि ईरान के अधिकारियों के साथ ही लेबनान का हिज्‍बुल्लाह भी मीटिंग में शामिल था। बेरूत में कई मीटिंग हुईं जिसमें कई सामरिक और रणनीतिक योजनाओं को अंजाम दिया गया।

ईरान के बिना असंभव (impossible without iran)


लंदन यून‍िवर्सिटी में एसओएएस मिडिल ईस्ट इंस्टीट्यूट की डायरेक्‍टर लीना खतीब की टिप्‍पणी भी इस रिपोर्ट की पुष्टि करती है। उन्‍होंने कहा, ‘इस तरह का हमला महीनों की योजना के बाद ही हो सकता था और ईरान के साथ समन्वय के बिना नहीं हो सकता था।’ उनका कहना था कि हमास, लेबनान में हिज्‍बुल्लाह की तरह, ईरान से पूर्व स्पष्ट सहमति के बिना युद्ध में शामिल होने का निर्णय अकेले नहीं लेता है।’ अखबार के मुताबिक पूरी योजना आखिर में सभी मोर्चों पर इजरायल के साथ सक्रिय युद्ध छेड़ने की है। इसके जवाब में हिज्‍बुल्लाह और फिलिस्तीन की आजादी के लिए पॉपुलर फ्रंट, गाजा और वेस्ट बैंक में फिलिस्तीनी इस्लामिक जिहाद और हमास की मदद से इसे खत्म करना है।

इजरायली सरकार ने ट्वीट की रिपोर्ट (Israeli government tweeted report)


अमेरिका के अधिकारियों ने इस रिपोर्ट की पुष्टि नहीं की है। इजरायल के विदेश मंत्रालय की तरफ से भी एक ट्वीट में इसका जिक्र किया गया है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि ईरान के साथ मिलकर हवाई, जमीन और समुद्री घुसपैठ की योजना बनाने के लिए अगस्त से ही हमास साजिश में जुट गया था। अमेरिकी अधिकारियों की मानें तो उन्होंने ईरान के शामिल होने के सबूत नहीं देखे हैं। सीएनएन के साथ एक इंटरव्‍यू में विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा, ‘हमने अभी तक इस बात का सबूत नहीं देखा है कि ईरान ने इस विशेष हमले का निर्देशन किया था या उसके पीछे था, लेकिन निश्चित रूप से इसके साथ उसका एक संबंध है।’

 

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