जनगणना 2027 की आज से हो रही शुरुआत, जाति, कोविड टीका समेत पूछे जाएंगे 40 सवाल
गृह मंत्रालय ने इन सवालों को पहले ही नोटिफाई कर दिया था. विस्तार से पढ़ें पूरी खबर.
लेह-लद्दाख/जम्मू-कश्मीर: देश की जनगणना 2027 का पहला चरण आज सोमवार से शुरू हो रहा है. जनगणना की यह अहम प्रक्रिया केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख और जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के बर्फीले इलाकों में ‘सेल्फ एन्यूमरेशन’ (खुद जानकारी दर्ज करना) के साथ शुरू होगी. इस मामले पर अधिकारियों ने बताया कि यह प्रक्रिया आज 17 अगस्त से शुरू होकर 31 अगस्त 2026 तक चलेगी.
इससे पहले गृह मंत्रालय ने 40 सवालों की एक लिस्ट जारी की थी, जो जनगणना अधिकारी परिवारों से पूछेंगे. जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के जनगणना संचालन निदेशक अमित शर्मा ने कहा कि इस प्रक्रिया से निवासी 1 से 30 सितंबर तक होने वाली घर-घर जाकर की जाने वाली जनसंख्या गणना से पहले ही अपनी जानकारी डिजिटल रूप से दे सकेंगे. शर्मा ने कहा कि हम पूरी तरह तैयार हैं. यह जनगणना का सबसे अहम चरण है, जिसे हम जनसंख्या गणना कहते हैं. इसमें हमें पूरे आंकड़े और अलग-अलग पैरामीटर मिलते हैं.
उन्होंने आगे कहा कि जनसंख्या की गिनती में डेमोग्राफिक जानकारी, प्रजनन क्षमता, पेशे और अन्य पहलुओं से जुड़े लगभग 40 सवाल शामिल होंगे, और इस बार इसमें जाति को भी शामिल किया जाएगा. उन्होंने कहा कि 17 अगस्त से हम ‘सेल्फ-एन्यूमरेशन’ (खुद जानकारी दर्ज करने की प्रक्रिया) शुरू करेंगे, जिसके तहत लोगों को इन 40 सवालों के लिए अपनी जानकारी खुद भरने की सुविधा दी जाएगी. इसे पहले ही प्रकाशित किया जा चुका है.
उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के 16 जिलों में बर्फबारी से प्रभावित इलाकों के निवासियों और लद्दाख के लोगों से तय समय के भीतर खुद से जानकारी दर्ज करने (सेल्फ-एन्यूमरेशन) की प्रक्रिया पूरी करने का आग्रह किया गया है. शर्मा ने कहा कि लद्दाख के लिए रेफरेंस तारीख पहले ही 1 अक्टूबर, 2026 की आधी रात तय की जा चुकी है, जबकि देश के बाकी हिस्सों—जिनमें मैदानी इलाके और जम्मू-कश्मीर के बचे हुए इलाके शामिल हैं, के लिए इसके 1 मार्च, 2027 होने की उम्मीद है, जो नोटिफिकेशन पर निर्भर करेगा.
उन्होंने कहा कि लद्दाख एक अनोखा इलाका है और देश का सबसे ऊंचा हिस्सा भी है. ऊंचाई के मामले में यह पहले नंबर पर होगा. उन्होंने कहा कि जनगणना के दूसरे चरण में लद्दाख में सेना, ITBP और वायु सेना समेत विशेष प्रतिष्ठानों को भी शामिल किया जाएगा. शर्मा ने कहा कि HLO (घर की सूची बनाने का काम), जो घरों में किया जाता है, उसमें उन्हें शामिल करने की जरूरत नहीं होती, लेकिन अब हम उनकी जनसंख्या की गिनती का काम भी पूरा करेंगे.
इसमें प्रश्नों की मुख्य श्रेणियां कुछ इस प्रकार से रखी गईं है. प्रश्नावली में बुनियादी जनसांख्यिकीय विवरण
- नाम, मुखिया से संबंध, लिंग
- जन्म तिथि और आयु
- वैवाहिक स्थिति
- विवाह की आयु
- पति/पत्नी का नाम
- घोषित राष्ट्रीयता
- धर्म, जाति/जनजाति
- पिता और माता के विवरण विकलांगता)
- शिक्षा और कौशल
- भाषा
- आर्थिक गतिविधि
- प्रवास (जन्म स्थान, अंतिम निवास, प्रवास का कारण, अवधि, स्थायी पता) तथा महिलाओं के लिए प्रजनन संबंधी जानकारी शामिल हैं.
