कुमाऊं में शीतलहर का असर दिखाई देने लगा है।



विशेषकर पर्वतीय जिलों में तापमान दो से तीन डिग्री तक पहुंच गया है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के बाद चार दिन पहले हुई बारिश और बर्फबारी से मौसम का मिजाज बदल गया है। तराई-भाबर में भी सर्दी ने असर दिखाना शुरू कर दिया है। बर्फीली हवाओं के असर से तापमान सामान्य से नीचे पहुंच गया है।

कुमाऊं के पर्वतीय जिलों में इस समय जबरदस्त ठंड पड़ रही है। चम्पावत और अल्मोड़ा जिले में न्यूनतम तापमान तीन डिग्री से नीचे पहुंच गया है। पिथौरागढ़ व नैनीताल जिलों में भी तापमान चार डिग्री पर आ गया है। शुक्रवार को हल्द्वानी का न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस रहा। सामान्य के मुकाबले यह चार डिग्री कम है। हालांकि अभी कोहरे जैसी स्थिति नहीं है, लेकिन गिरते तापमान के साथ ठंड अपना असर दिखाने लगी है। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि नवंबर आखिरी सप्ताह से ठंड और बढऩे लगेगी।

सोमवार को छा सकते हैं बादल:
जीपी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय पंतनगर के मौसम विज्ञानी डा. आरके सिंह के मुताबिक आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट आएगी। नवंबर आखिरी सप्ताह में तराई भाबर में भी तापमान तेजी से गिरने लगेगा। रात और सुबह के समय हल्का कोहरा छाने लगेगा। 23 नवंबर को पर्वतीय जिलों में आंशिक रूप से बादल छा सकते हैं। पिथौरागढ़, नैनीताल जिले में कहीं कहीं बूंदाबांदी हो सकती है।

कहां कितना रहा न्यूनतम पारा:

अल्मोड़ा 3.0 डिग्री

नैनीताल 7.0 डिग्री

मुक्तेश्वर 4.0 डिग्री

हल्द्वानी 6.0 डिग्री

चम्पावत 2.6 डिग्री

पिथौरागढ़ 4.7 डिग्री


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