सिर्फ 90 मिनट में दिल्ली से पहुंचेंगे हरिद्वार, यूपी के 4 जिले होंगे कनेक्ट, इस प्रोजेक्ट से उत्तराखंड के पर्यटन को मिलेगी ‘रफ्तार’
दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर को हरिद्वार से जोड़ा जा रहा है. इससे दिल्ली से हरिद्वार का सफर 90 मिनट का होगा. रिपोर्ट- किरणकांत शर्मा
देहरादून: दिल्ली से हरिद्वार आने-जाने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आने वाले महीने बड़ी राहत लेकर आ रहे हैं. एनएचएआई की ओर से दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर को हरिद्वार से जोड़ने वाले नए 6 लेन के मार्ग का निर्माण अंतिम चरण में पहुंचने की जानकारी सड़क परिवहन मंत्रालय की तरफ से आई है. इस मार्ग के शुरू होने के बाद दिल्ली से हरिद्वार तक की यात्रा करीब डेढ़ घंटे में पूरी होने की उम्मीद जताई जा रही है. केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने दिल्ली से हरिद्वार के लिए नया मार्ग अगले दो महीने में खोलने की बात कही है.
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से ऐसे जुड़ेगा हरिद्वार: इस परियोजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि दिल्ली से हरिद्वार पहुंचने के लिए यात्रियों को बेहतर और तेज सड़क संपर्क उपलब्ध कराने की तैयारी लगभग पूरी होने को है. दिल्ली से निकलने के बाद वाहन दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का इस्तेमाल करते हुए उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में हलगोया मुस्तकम के निकट पहुंचेंगे. यहीं से हरिद्वार को जोड़ने वाला नया संपर्क मार्ग शुरू होता है, जो उत्तराखंड की ओर बढ़ते हुए हरिद्वार जिले में बढेड़ी राजपूताना के निकट मौजूदा राष्ट्रीय राजमार्ग-334 से जुड़ता है. करीब 51 किलोमीटर लंबे इस 6 लेन के संपर्क मार्ग का उद्देश्य दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से हरिद्वार तक सीधी और बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना है.
जानकारी के मुताबिक, अभी तक इस मार्ग का लगभग 92 प्रतिशत निर्माण पूरा हो चुका है और करीब 46 किलोमीटर सड़क तैयार की जा चुकी है. अब इस परियोजना के जल्द शुरू होने की घोषणा के बाद हरिद्वार और आसपास के क्षेत्रों में इसके लाभ को लेकर उम्मीदें बढ़ गई हैं.
अक्षरधाम से सहारनपुर और फिर हरिद्वार तक का पूरा रूट: इस मार्ग को समझने के लिए यह जानना जरूरी है कि दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे और हरिद्वार संपर्क मार्ग दो अलग-अलग हिस्से हैं, जो आपस में जुड़कर यात्रा को आसान बनाएंगे. दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर दिल्ली के अक्षरधाम क्षेत्र से शुरू होकर उत्तर प्रदेश के बागपत, बड़ौत, मुजफ्फरनगर, शामली और सहारनपुर क्षेत्र की दिशा में आगे बढ़ता है. सहारनपुर जिले के हलगोया मुस्तकम के पास से हरिद्वार के लिए अलग 6 लेन का संपर्क मार्ग निकल रहा है. इस मार्ग के अलाइनमेंट से जुड़े प्रमुख स्थानों में हलगोया मुस्तकम, बसेड़ा, मानकपुर आदमपुर, हरचंदपुर माजरा और माधोपुर हजरतपुर जैसे क्षेत्र शामिल हैं. इसके बाद मार्ग उत्तराखंड की ओर बढ़ते हुए सलीयर, मेहवड़ कलां और रहमतपुर के आसपास से गुजरता है. साथ ही बढेड़ी राजपूताना के निकट राष्ट्रीय राजमार्ग-334 से जुड़ता है. इस तरह दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से आने वाले वाहनों को हरिद्वार पहुंचने के अब आसान रास्ता मिलने जा रहा है.
बहादराबाद से जगजीतपुर तक पहुंचने के लिए आगे का रास्ता: हरिद्वार के लिए इस परियोजना का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि नए संपर्क मार्ग के अंतिम बिंदु से आगे शहर के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचने के लिए भी इसका प्रयोग हो सकेगा. बढेड़ी राजपूताना के निकट एनएच-334 से आगे वाहन बहादराबाद ज्वालापुर, कनखल और जगजीतपुर की दिशा में जा सकेंगे. यहां यह साफ करना जरूरी है कि नया 6 लेन का संपर्क मार्ग सीधे कनखल के जगजीतपुर तक तो पहुंचेगा, लेकिन बदरबाद के बाद ये फोर लेन का हो जाएगा. हालांकि, ये शहर में दाखिल होने वाला मार्ग पुराने नेशनल हाईवे से जुड़ते हुए दिल्ली-हरिद्वार परियोजना का हिस्सा होगा. इसके साथ ही हरिद्वार में बहादराबाद से चंडी देवी मंदिर के पास तक लगभग 15 किलोमीटर लंबे बाईपास का निर्माण भी शहर के यातायात को व्यवस्थित करने के लिहाज से महत्वपूर्ण है.
सुबह का नाश्ता, गंगा स्नान और शाम तक दिल्ली वापसी: दिल्ली से हरिद्वार आने वाले पर्यटकों के लिए सबसे बड़ा बदलाव उनकी यात्रा को लेकर होगा. अभी दिल्ली-एनसीआर से आने वाले श्रद्धालुओं को रूट, वीकेंड और हरिद्वार में जाम को ध्यान में रखकर यात्रा की योजना बनानी पड़ती है. नया संपर्क मार्ग शुरू होने के बाद सुबह दिल्ली से निकलकर हरिद्वार में नाश्ता कर हर की पैड़ी पर गंगा स्नान कर मनसा देवी, चंडी देवी और दूसरे धार्मिक स्थलों के दर्शन करने के बाद उसी दिन वापस लौटने का विकल्प अधिक सुविधाजनक हो सकता है. दिल्ली के अक्षरधाम क्षेत्र से शुरू होकर सहारनपुर के हलगोया मुस्तकम और वहां से हरिद्वार की ओर आने वाले इस सड़क नेटवर्क से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के यात्रियों को लाभ होगा.
पर्यटन और कारोबार को मिल सकती है नई रफ्तार: इस परियोजना से हरिद्वार के पर्यटन कारोबार को भी नई गति मिलने की संभावना है. हरिद्वार शहर के विधायक और कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक का कहना है कि,
दिल्ली और आसपास के शहरों से कम समय में हरिद्वार पहुंचने की सुविधा उपलब्ध होने पर ऐसे पर्यटकों की संख्या बढ़ जाएगी, जो लंबी छुट्टी लेने के बजाय एक या दो दिन की धार्मिक यात्रा करना पसंद करते हैं. इसका लाभ होटल, धर्मशालाओं, रेस्तरां, ढाबों, टैक्सी संचालकों, स्थानीय परिवहन और छोटे कारोबारों को मिलेगा. इसके अलावा रुड़की, भगवानपुर, बहादराबाद और हरिद्वार के आसपास के क्षेत्रों में सड़क संपर्क बेहतर होने से व्यावसायिक गतिविधियों के लिए नए अवसर पैदा होंगे. उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले और आसपास के क्षेत्रों को भी दिल्ली-उत्तराखंड के बीच बेहतर सड़क नेटवर्क का लाभ मिलेगा.
-मदन कौशिक, हरिद्वार नगर विधायक व कैबिनेट मंत्री-
अंतिम चरण में है परियोजना का काम: नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अधिकारी सौरभ के मुताबिक,
परियोजना का काम अंतिम चरण में है. मार्ग शुरू होने के बाद आसपास के क्षेत्रों को भी इसका फायदा मिलेगा. सड़क संपर्क बेहतर होने से हरिद्वार पहुंचने वाले वाहनों को वैकल्पिक मार्ग मिलेगा. साथ ही शहर की यातायात व्यवस्था को भी लाभ मिलेगा. आगामी अर्धकुंभ-2027 को ध्यान में रखते हुए बेहतर सड़क कनेक्टिविटी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि धार्मिक आयोजनों के दौरान हरिद्वार में देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं. ऐसे समय में हर की पैड़ी, चंडी चौक, शंकराचार्य चौक और शहर के अन्य प्रमुख मार्गों पर यातायात का दबाव बढ़ जाता है. यदि बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों को शहर के भीतर प्रवेश करने से पहले ही उपयुक्त मार्ग उपलब्ध हो जाता है तो यातायात को अलग-अलग दिशाओं में संचालित करने में प्रशासन को मदद मिलेगी.
-सौरभ, NHAI अधिकारी-
वीकेंड की भीड़ और कुंभ के ट्रैफिक पर रहेगी नजर: मेला अधिकारी सोनिका सिंह के मुताबिक,
बेहतर सड़क कनेक्टिविटी से वीकेंड में अचानक बढ़ने वाली भीड़ के दबाव को कम करने में मदद मिलेगी. हरिद्वार में सामान्य वीक पर भी दिल्ली-एनसीआर से बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं. जबकि स्नान पर्व और धार्मिक आयोजनों के दौरान वाहनों की संख्या और बढ़ जाती है. शहर के बैरागी कैंप क्षेत्र में भी मेलों से संबंधित व्यवस्थाओं और आयोजनों के लिए महत्वपूर्ण गतिविधियां होती हैं. ऐसे में शहर के बाहरी हिस्सों को बेहतर सड़क नेटवर्क से जोड़ना यातायात प्रबंधन के लिए उपयोगी हो सकता है.
-सोनिका सिंह, हरिद्वार अर्धकुंभ मेला अधिकारी-
जमीन के दाम और प्रॉपर्टी कारोबार पर भी पड़ सकता है असर: नए मार्ग का असर हरिद्वार के आसपास जमीन और प्रॉपर्टी कारोबार पर पड़ने की संभावना भी जताई जा रही है. स्थानीय निवासी और प्रॉपर्टी कारोबारी संदीप वालिया के मुताबिक, जिस क्षेत्र से यह मार्ग गुजर रहा है, वहां जमीन की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है. दिल्ली से हरिद्वार की यात्रा आसान होने के बाद इस क्षेत्र में निवेश और व्यावसायिक गतिविधियों की संभावनाएं बढ़ जाएगी. बेहतर सड़क आमतौर पर किसी क्षेत्र की पहुंच और व्यावसायिक उपयोगिता को प्रभावित करती है.
कुमाऊं और नजीबाबाद जाने वालों को कैसे मिलेगा लाभ: इस सड़क नेटवर्क से कुमाऊं और नजीबाबाद की ओर जाने वाले यात्रियों को भी बेहतर कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा. इसी नए मार्ग से वाहन हरिद्वार से सीधे नजीबाद मार्ग से भी जुड़ जाएंगे. इसी तरह सहारनपुर, रुड़की, भगवानपुर और हरिद्वार के आसपास के क्षेत्रों को बेहतर सड़क संपर्क का लाभ मिल मिल जाएगा.

