पुंछ में आतंकी हमला: पुंछ में आतंकी हमले का बड़ा खुलासा! सेना पर हमले के पीछे पाकिस्तान का हाथ है, सामने आए ये बड़े सबूत
Big revelation of terrorist attack in Poonch! Pakistan is behind the attack on army, this big evidence has come to the fore
जम्मू-कश्मीर के पुंछ में सेना के जवानों पर हुए आतंकी हमले को लेकर अहम तथ्य सामने आए हैं. खुफिया एजेंसियों ने दावा किया है कि पुंछ आतंकी हमले के पीछे पाकिस्तान का हाथ होने की बात सामने आई है. खुफिया सूत्रों से पता चला है कि पुंछ आतंकी हमला आतंकी संगठन टीआरएफ (रेजिस्टेंस फ्रंट) के पुंछ मॉड्यूल के सहयोग से किया गया था और इस हमले में आतंकियों को सीधे तौर पर पाकिस्तानी सेना का समर्थन था.
सूत्रों की मानें तो खुफिया एजेंसियों को स्पष्ट जानकारी मिली है कि पुंछ आतंकी हमले की साजिश पाकिस्तान स्थित आतंकियों सैफुल्ला और कतल सिंघड़ी ने रची थी। दोनों पीओके में लश्कर के प्रमुख एजेंट हैं और उन्हें पाकिस्तानी सेना का पूरा समर्थन प्राप्त है। पुंछ हमले में शामिल आतंकियों को पाकिस्तानी सेना का पूरा समर्थन मिला था. खुफिया सूत्रों के मुताबिक, उनके इशारे पर टीआरएफ ने जम्मू से लेकर कश्मीर तक ऑपरेशन शुरू कर दिया है और लगातार आतंकी हमलों को अंजाम दे रहा है.
30-35 ओवर ग्राउंड आतंकियों का नेटवर्क ( Network of 30-35 over ground terrorists)
खुफिया एजेंसी की मानें तो सबसे पहले टीआरएफ की आड़ में इन दोनों ने जम्मू आतंकी हमले के लिए टीआरएफ के पुंछ मॉड्यूल को एक्टिवेट था, जिसने जम्मू में सक्रिय ओवर ग्राउंड वर्करों यानी आतंकियों का नेटवर्क तैयार किया था और आतंकियों के लिए हाइडआउट तैयार किए गए. टीआरएफ पुंछ माड्यूल में करीब 30 से 35 ओवर ग्राउंड वर्करों (आतंकी) के शामिल होने का शक है, जो लगातार आतंकियों के लिए सुरक्षित रास्ता और पनाह तैयार करते हैं.
पहले भी कई आतंकी हमले को दे चुका है अंजाम ( Has carried out many terrorist attacks in the past also)
यही कहा जा रहा है कि ठीक इसी तर्ज पर यह मॉड्यूल पहले भी जम्मू में कई बड़ी आतंकी वारदातों को अंजाम दे चुका है. फिलहाल, पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को अब जम्मू में सक्रिय इन पाकिस्तानी हैंडलरों के मददगारों की तलाश है. बता दें कि जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में गुरुवार को हथियारों से लैस आतंकवादियों ने सेना के दो वाहनों पर घात लगाकर हमला कर दिया था. इस आतंकी हमले में 4 सैनिक शहीद हो गए थे. इसके बाद से ही सेना का सर्च ऑपरेशन जारी है.