नेपाल सीमा पर एसएसबी प्रत्येक पांच किमी दूरी पर एक बीओपी बनाएगा।



नेपाल सीमा पर अपनी सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए महाकाली नदी के किनारे सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) पांच बॉर्डर आउट पोस्ट (बीओपी) बनाएगा। गृह मंत्रालय ने भौरा, अमतड़ी में राज्य सरकार से जमीन खरीद कर भवन बनाने का काम शुरू कर दिया है।

वर्तमान में 55वीं वाहिनी बटालियन के पास 13 बीओपी हैं। नेपाल से लगने वाली महाकाली नदी के किनारे पांच नए बीओपी बनाए जा रहे हैं।

इसमें भौरी के फेरीघाट, अमतड़ी में बीओपी के भवनों का काम शुरू हो गया है। बीओपी बनने के बाद सीमा पर नियमित गश्त, मादक पदार्थों की तस्करी पर रोक, ट्यूब से अवैध तरीके से होने वाली घुसपैठ पर रोक के साथ सीमा पार होने वाली प्रत्येक गतिविधि पर आसानी से नजर रखी जा सकेगी।

प्रत्येक बीओपी में तैनात रहेंगे 40 अधिकारी और जवान: 
प्रत्येक बीओपी में एक प्लाटून में 40 अधिकारी और जवान तैनात रहेंगे। 83 लाख रुपये की लागत से चार भवन बनेंगे। भवनों के निर्माण का काम ए क्लास ठेकेदार पूरन सिंह धारियाल कर रहे हैं। जवानों के रहने के लिए भवनों में बैरक, कमांडर बैरक, किचन कम डाइनिंग हॉल, शौचालय और बाथरूम बनेगा।

नेपाल सीमा पर और तीन बीओपी हैं प्रस्तावित: 
भौरा के पांच किमी के दायरे में अभी हल्दू, रौतगड़ा, जमतड़ी में बीओपी बनी है। अमतड़ी के पास भी गेठीगाड़ा और सुनखोली में बीओपी हैं। अगले चरण में चोरा, द्वालीसेरा और ढुंगातोली में बीओपी प्रस्तावित हैं। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया चल रही है।

सीमा विवाद के बाद बीओपी निर्माण में आई तेजी: 
भारत के साथ सीमा विवाद के बाद नेपाल ने सीमा पर बड़ी संख्या में बीओपी बनाने का काम शुरू किया है। सीमा पर नेपाल की सक्रियता देखते हुए भारत ने भी इस पर सक्रियता दिखाई। भारतीय क्षेत्र में एसएसबी के लिए नई बीओपी पहले से प्रस्तावित थी, लेकिन जमीन हस्तांतरण न होने से इनका निर्माण शुरू नहीं हो पाया था। एसएसबी तेज गति से बीओपी बनवा रही है।


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