राम मंदिर का निर्माण हुआ शुरू…



भगवान राम की नगरी अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर में भव्य और दिव्य मंदिर निर्माण शुरू होने की बहुप्रतीक्षित घड़ी अंतत: आ गई है। आज सुबह से गर्भगृह पर पहले टेस्ट पिलर की ढलाई शुरू हो गई है। श्रीराम जन्मभूमि परिसर में यह पिलर तैयार होने के बाद यहां विशेषज्ञ इसे मजबूती की कसौटी पर कसेंगे। सब कुछ ठीक पाए जाने के बाद इसी तरीके के 12 सौ और स्तंभ तैयार होंगे, जिन पर मंदिर की नींव रखी जाएगी। टेस्ट पिलर सौ फीट गहरा और एक मीटर व्यास का होगा। इस पिलर में भरने के लिए कंक्रीट फिलहाल बाहर से मंगाया जा रहा है। पिलर की ढलाई के गड्ढे खोदने का काम शुरू करने के साथ ही अन्य पिलर के लिए गड्ढे खोदने का काम भी शुरू कर दिया गया है। यहां पर रामजन्मभूमि मंदिर निर्माण के लिए 1200 पिलर बनने हैं। गड्ढों को 700 फीट की गहराई तक कुएं की शक्ल में खोदकर उसमें पाइलिंग का काम किया जाएगा। यहां पर निर्माण एजेंसी का बैचिंग प्लांट अभी तैयार नहीं हो सका है। वैकल्पिक गर्भगृह के पीछे उसके लिए फाउंडेशन तैयार किया जा रहा है। इस कार्य में लगभग एक सप्ताह का समय लगने की संभावना है। सैकड़ों फीट नीचे तक खुदाई करने के लिए दो रिंग मशीनें परिसर में पहुंच चुकी हैं, जबकि अभी इतनी ही मशीनें और आएंगी। मंदिर की नींव की मजबूती को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। नींव को इतना मजबूत बनाया जाना है कि वह करीब 1500 वर्ष तक अडिग रहे।राम नगरी में इस कार्य की निगरानी आइआइटी चेन्नई के अलावा देश के कई अन्य चुनिंदा विशेषज्ञ कर रहे हैं। इसी नींव पर 161 फीट ऊंचा भव्य मंदिर बनाया जाएगा। इन्हीं पिलर पर बनने वाला तीन तल का मंदिर सदियों तक अक्षुण्ण रहेगा। माना जा रहा है कि तीन से साढ़े तीन वर्षों में मंदिर निर्माण का कार्य पूरा होगा। राम नगरी में इस कार्य की निगरानी आइआइटी चेन्नई के अलावा देश के कई अन्य चुनिंदा विशेषज्ञ कर रहे हैं। इसी नींव पर 161 फीट ऊंचा भव्य मंदिर बनाया जाएगा। इन्हीं पिलर पर बनने वाला तीन तल का मंदिर सदियों तक अक्षुण्ण रहेगा। माना जा रहा है कि तीन से साढ़े तीन वर्षों में मंदिर निर्माण का कार्य पूरा होगा।

सरकार के जिम्मे होगी राममंदिर परिसर की सुरक्षा की जिम्मेदारी
श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का स्पष्ट कहना है कि राममंदिर परिसर की सुरक्षा सरकार के जिम्मे होगी। यह विश्वस्तरीय केंद्र बनने जा रहा है इसलिए इसकी सुरक्षा भी विश्वस्तरीय होनी चाहिए। चूंकि यह विश्वस्तरीय प्रोजेक्ट है, इसलिए इसकी संवेदनशीलता का देखते हुए किसी प्राइवेट सुरक्षा एजेंसी को जिम्मेदारी नहीं सौंपी जा सकती है। राममंदिर की सुरक्षा सरकार अपने स्तर से देखेगी, ट्रस्ट का कोई हस्तक्षेप नहीं होगा।


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